सेब की खेती कैसे करे

Seb ki kheti kaise kare | सेब की खेती  कैसे करे 
सेब फलो का राजा तो नहीं पर हा राजा से कुछ कम भीनही! फलो में सबसे ज्यादा खेती सेब की जाती है इसके 2 बड़े कारण है पहला तो ये की सेब को लम्बे समय तक स्टोर कर के रखा जा सकता है 
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दूसरा ये की सेब  स्वास्थ का सबसे बड़ा खजाना है  जो की जीरो केलोरी में हमे भरपूर पोष्टिकता देता है बाकि तो  an apple a day keeps the doctor away हमे पता ही है आइए तो आज हम सेब की खेती कैसे करे इस पर  बात करते है जो की एक मुनाफे वाली खेती  होने के साथ साथ  सेब अपने आप में एक दिलचस्प कहानी लिए हुए है

भारत में सेब की खेती –
सेब का परिचय यूरोप के जरिये पूरी दुनिया में फैला  भारत में अगर इसके इतिहास को खंगाला जाए तो करीब १८०७० में भारत आने की जानकारी मिलती है जिसे की चाय की तरह ही  अंग्रेज भारत लाये शुरुवात में  100 किस्मो का बगीचा  हिमाचल प्रदेश में लगाया गया  जो की यहाँ से शुरू होकर धीरे धीरे पुरे हिमालय क्षेत्र में फैल गया  अब की अगर बात की जाये तो जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के बाद अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड एवं दक्षिण भारत के नीलगिरि पहाड़ियों में भी इसकी खेती होती है। हलाकि वैज्ञानिक ये भी  कहते हैं कि सेब  अगर सबसे पहले  कही पैदा हुए थे तो वो जगह थी  मध्य एशियाई देश कज़ाख़िस्तान में. कहा जाता है की आज भी वहा सैकड़ों  नस्ले अब भी फल फुल रही है

सेब की खेती के लिए अनुकूल  मोसम और मिट्टी-

सेब की खेती में हमेशा ये कहा जाता   है की इसकी पैदावार समुंद्र तल से  करीब 1500 मीटर की ऊंचाई से 2700 मीटर की ऊंचाई की रेंज में उगाए जाने पर बेहतर परिणाम  मिलते है  जहा पर की तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से भी  कम रहे  और इसके अलावा मिट्टी की बात करे तो  दोमट मिटटी  जिसका की  P.H   6.0-7.0 रेंज में होता है

 

 सेब की खेती  कैसे करे

  Seb ki kheti kaise kare

·         सेब की खेती करने के तरीके कई है पर इसमें जो सबसे अच्छा तरीका है वो  है  सेब की कलम या ग्राफ्टिंग  तकनीक  से  सेब को लगाना कलम बांध कर सेब को लगना बागवानी की एक खास तकनीक है जिसमे की बहुत ही बारीकी से 2 पेड़ो को हल्का सा तने को काट कर कुछ इस तरह मिला कर के दोनों कलमे को  एक दुसरे से ग्रॅफटिंग टेप की मदद से बाध दिया जाता है सेब के बीज से जो पोधा निकलता है  उस में  हमे जो भी सेब की किस्म चाहते है उसकी कलम को बाध कर  सेब की मनचाही किस्म को उत्पादित  किया जाता है सेब को बीज से लगाने पर जहा ये करीब 10-12 साल में फल देने लायक होता है वही कलम बाधने से ये करीब 2-3 साल में फल देने लायक स्थिति में आ जाये गा

सेब लगाने का  सबसे सही समय जनवरी और फरवरी सबसे सही समय है सेब लगाने का

सेब के पेड़ की जानकारी- सेब के पेड़ की जानकारी कहे या सेब की किस्मे  इनकी  लम्बी लिस्ट है हम यहाँ कश्मीर , उतराखंड,और हिमाचल प्रदेश की केवल कुछ उन्नत  किस्मो की जानकरी देते है जो की जानना बहुत जरुरी है

सेब की उन्नत किस्मे

  •   कश्मीर में सेब की उन्नत किस्मे – कश्मीर में जो सबसे पहला नाम आता है वो है अमेरिकी किस्म डिलिशियस प्रजाति का पोधा जो की ग्रोथ के हिसाब से तेजी से फलने फूलने वाला है इसका रंग सुर्ख लाल होता है  ये किस्म कश्मीर में मुख्य रूप से देखी जाती है

  •   उतराखंड में  सेब की उन्नत किस्मे – की बात करे तो इसमें स्टॉकिंग डिलिशियस ,मक्लैंटोश,  गोल्डन डिलिशियस, अमेरिकन जिंजर गोल्ड ,वॉरेस्टर परमैन,  रिचर्ड, किनौरी सेब जेम्स ग्रीव, रेड डिलिशियस आदि

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  • हिमाचल प्रदेश की  सेब की किस्मे जेरोमाइन, मिशल गाला, रेड विलॉक्स, ग्रेनी स्मिथ चैलेंजर, स्कारलेट गाला आदि

सेब की ग्रेडिंग-
सेब को उसके size और क्वालिटी के हिसाब से छटाई कर अलग अलग रखा जाता है जहा पर इस बात का ध्यान रखा जात है की किसी भी सेब में कोई भी खराबी ना हो और उसका ठंढल अलग हो क्योकि  किसी एक ख़राब सेब के सम्पर्क में आने पर ये अच्छे सेब को जख्मी  या ख़राब कर देता है यहाँ तक की  पेड़ से जमीन पर गिरे हुए सेब  तक की कीमत  कम हो जाती है

सेब का स्टोरेज-सेब अपने लम्बे रखरखाव के लिए दुसरे फलो की तुलना में बेहतर माना जाता है सेब को अगर 1.10 से 00c पे  करीब 8-9 महीनो तक स्टोरेज किया जा सकता है
सेब की पैकिंग – सेब की पैकिंग लड़की के बॉक्स में की जाती है जिसे बाज़ार की भाषा में पेटी भी कहते है जो की 10-20 किलो की पैकिंग में होती है

मित्रो आपको ये जानकारी कैसे लगी कमेंट कर जरुर बताये धन्यवाद !!

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