स्ट्रॉबेरी की खेती कैसे करे


स्ट्रॉबेरी की खेती कैसे करे पूरी जानकारी | Strawberry cultivation

आज हम Strawberry ki kheti kaise kare | Strawberry Farming  की  पूरी जानकारी देगे !!स्ट्रॉबेरी अपने रंग रूप और स्वाद  के लिए पूरी दुनिया के पसंदीदा फलो में से एक है जो की ठन्डे क्षेत्रो में की जाने वाली एक खास फसल है जो की अब देश के बिहार,पंजाब, और ऍमपी में भी की जा रही है

स्ट्रॉबेरी  जो की ना सिर्फ केवल 
Advertisement
खाने के बल्कि रूप सज्जा के उत्पाद बनाने में भी उपयोग किया जाता है

स्ट्रॉबेरी की खेती करना कम समय में आधिक उपज पाने और मुनाफे की खेती के रूप में पुरे हिन्दुस्थान में तेजी से फ़ैल रही है 

 

स्ट्रॉबेरी खाने के फायदे :- स्ट्रॉबेरी को अगर हम फलो में सबसे खुबसूरत फल कहे तो इसमें कोई भी अतिश्योक्ति नहीं होगी क्योकि ये फल खाने में जितना स्वादिष्ट है उससे भी आधिक ये दिखने में एक आकर्षक फल है

अब अगर हम स्ट्रॉबेरी के फायदे की बात करे तो इसमें मोजूद विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट  जहा हमारी स्कीन के लिए फायदेमंद है वही इसमें मोजूद   कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉलिक एसिड, फॉस्फोरस, पोटैशियम और डायट्री फाइबर्स शरीर  के लिए लाभकारी और दिल के लिए एक ओषधि की तरह है 

 

  Strawberry ki kheti kaise kare |

 Strawberry Farming

 

 

 

स्ट्रॉबेरी के पोधे लगाने का समय :- स्ट्रॉबेरी के पोधे लगाने का समय 10 सितम्बर से 10 अक्टूम्बर के बीच का होता है 

 स्ट्रॉबेरी की बढवार के लिए तापमान:-  स्ट्रॉबेरी के पोधे  के फलने फूलने के लिए तापमान की बात की जाये तो ये करीब 15 से 35 डिग्री से.गे.  होना चाहिए

लेकिन हमे  स्ट्रॉबेरी के पुष्पन के लिए ये ध्यान रखना है की तब हमे जो तापमान  मिल रहा है वो  आधिक से आधिक करीब 14 से 18 डिग्री से.गे. हो

इसके साथ ही हमे हमे पुष्पन  की प्रक्रिया में 10 दिनों तक 8 घंटे सूर्य की रौशनी जरुरी है

 स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए भूमि :- हलकी दोमट मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है

इस मिट्टी में जल निकासी अच्छी तरह हो और भूमि का PH मान 5.5 से 6.5 हो

 स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए खाद और उर्वरक :- स्ट्रॉबेरी की खेती में  भी अन्य फसलो की तरह ही खाद और उर्वरक  का चुनाव मिट्टी  की अच्छी तरह जाच कर किया जाना चाहिए 

अगर भूमि रेतीली है तो उसमे     गोबार की खाद दस से पंन्द्रह टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलानी चाहिए

 

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए भूमि की तैयारी :- स्ट्रॉबेरी की खेती में पोधे  को लगाने के करीब 15 दिन पहले से खेत की अच्छी तरह गहरी और हलकी जुताई  कर  लेते है

भूमि की तैयारी के समय 10 से 12 टन कम्पोस्ट 20 किलो नाइट्रोजन 20 किलो फास्पोरस  और 15 किलो पोटाश देना प्रति एकड़ देना  चाहिए

 

स्ट्रॉबेरी की खेती में सिचाई :- स्ट्रॉबेरी की खेती में सिचाई के लिए एक खास विधि से ये कार्य किया जाता है  जिसमे की एक पाईप  को निश्चित अन्तराल पर  पुरे खेत में बिछा दी जाती है जिसमे की बूंद बूंद जल की निकासी होती है जिससे की भूमि में नमी बनी रहती है

स्ट्रॉबेरी में इस तरह हलकी सी सिचाई रोज रोज कर सकते है या तो हम कुछ कुछ दिनों के अन्तराल  में भी सिचाई कर सकते है जिसमे की हमे स्ट्रॉबेरी के पोधे को पहली सिचाई पोधे को लगाने के तुरंत बाद करनी चाहिए

 

हालाकि स्ट्रॉबेरी के पोधे को 15 से 20 दिनों के अन्तराल में भी सिचाई कर सकते है और अगर गर्मी का मोसम है तो सप्ताह में 2 बार ये काम किया जा सकता है

 

स्ट्रॉबेरी की सिचाई में हमे एक और जो बात ध्यान रखना है वो है की हमे हमेशा पोधे की जड़ो में पानी देना है ना की पत्तो में !!

 

स्ट्रॉबेरी की उन्नत  प्रजातियाँ या किस्मे :-

स्ट्रॉबेरी की किस्मो की बात की जाये तो ये 500 से भी आधिक है पर इनमे सबसे खास

·       ओफ्रा

·       कमारोसा

·       चांडलर

·       फेयर फॉक्स

·       ब्लैक मोर

·       स्वीट चार्ली

·       एलिस्ता

·       सीसकेप

 

 

 

स्ट्रॉबेरी की खेती में किट रोग :-

स्ट्रॉबेरी की खेती एक अच्छे मुनाफे की खेती के रूप में किसानो की पसंदीदा फसल के रूप में उभर रही है 

परन्तु फसलो में होने वाले किट रोगों का समय पर सही उपचार ना किये जाने पर ये फसल आपका मुनाफा कम भी कर सकता है इसके लिए हमे अपने क्षेत्र के अनुभवी कृषि वैज्ञानिकों से सलाह जरुर ले और नीम की खल  को स्ट्रॉबेरी के पौधों की जड़ों  में डाले 

 

 

 उम्मीद करते है मित्रो  ये “स्ट्रॉबेरी की खेती कैसे करे “ जानकारी आपके लिए उपयोगी रही होगी !!

1 thought on “स्ट्रॉबेरी की खेती कैसे करे”

  1. Very good information…..please call for Strawberry runner plants..all over India…7508155747

    Reply

Leave a comment