कबीट(Wood Apple) बेल की खेती कैसे करे


 बेल(Wood Apple)/ कबीट की खेती कैसे करे

 

कबीट(Wood Apple) या  बेल एक फलदार  पोधा है जिसका की  वैज्ञानिक नाम लिमोनिया एसिडिसिमा हैं। जिसे भारत में अलग अलग नामो से जाना जाता है   जिनमे कैथ , कटबेल, कोविट , कोथा एवंम कन्नड में बेलाऊ और तेलगू में वेलगा। संस्कृत में इसे कपित्थ
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के नाम से पहचाना जाता है  वही अंग्रेजी में इसे वुड ऐपल और मंकी फ्रुट कहा जाता है
 
मुख्य रूप से भारत के उत्तरी  भागो में लगने वाला ये फल अपने विशिष्ट गुणों के कारण जाना जाता है आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे पेट के रोगों का विशेषज्ञ बताया गया है। कबीट आकार में छोटा होने पर खट्टा और बड़ा होने पर मीठा लगता है  जो की पाचन शक्ति बढ़ाने की अचूक औषधि माना जाता है। इसे चटनी बना कर एवंम शरबत के रूप में भी बहुत पसंद किया जाता

भूमि का चयन :-

कबीट(Wood Apple) या  बेल  की खेती के लिए उपजाऊ दोमट मिट्टी को सबसे उत्तम माना जाता है जिसका की ph मान  8.0 से 8.5 तक हो  इसके अलावा हम अच्छे जल निकास वाली  बंजर एवं उसर भूमि  में भी कबीट  की खेती सफलतापूर्वक कर सकते है
 बेल या कबीट(Wood Apple) की  उन्नत किस्में :-
1)   नरेन्द्र बेल 5
2)  नरेन्द्र बेल 7
3)  नरेन्द्र बेल 9
4)  पंत सिवानी
5)  पंत अर्पणा
6) पंत उर्वसी
7)   पंत सुजाता:

औषधिय गुणों से भरपूर ऐसे  करे कबीट(Wood Apple) या  बेल की खेती 

बेल या कबीट को हम बीज द्वारा भी लगा सकते है एवंम् नर्सरी से पोधा लाकर सीधे  हम इसे अपने खेत या उद्यान में लगा सकते है  इसको लगाने का सबसे अच्छा समय वर्षा शुरू होने   के शुरुवाती महीनो के साथ का होता है  
सिचाई के रूप में बूंद  बूंद विधि से सिचाई करना अच्छा विकल्प है 
खाद और उर्वरक :-
साधारणतया कबीट(Wood Apple) या  बेल का  पौधा  अपने आप ही  फलता फूलता है  जिसमे किसी भी तरह की खाद और पानी देने की आवश्यकता ना के बराबर होती है ।
परन्तु बहुत अच्छे परिणाम के लिए  अगर हमे  कबीट में  खाद और उर्वरक का इस्तमाल करना ही हो तो हम  गोबर की खाद ,नत्रजन, फास्फोरस,  और पोटाश की मात्रा का निर्धारण  पेड़ की आयु के अनुसार इस्तमाल करते है 

Cultivation Of Wood Apple (बेल की खेती) :-

 

  अप्रैल-मई माह  इसके फल पक कर तेयार हो जाते है  जिन्हें सावधानी पूर्वक तोड़कर उपयोग में लेना चाहियें बेल में मोजूद  विटामिन a,विटामिन c, प्रोटीन, वसा, खनिज रेशा कार्बोहाइड्रेट एवंम खनिजों में कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, मैग्नीशियम, क्रोमियम, मैग्नीज और जिंक  जैसे कई जरुरी तत्व पाये जाते है  जो की हमे इसकी खेती करने के लिए प्रेरित करते है

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