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चीकू की खेती कैसे करें


चीकू (Sapodilla)की खेती कैसे करें
आज हम बात कर रहे साल भर लगने वाले चीकू( सपोटो) की खेती कैसे करें
चीकू की जानकारी
चीकू in english :-sapodilla सापोडिला
भारत में इसे सपोटो, चीकू के नाम से जाने जाते है इसके अलावा यूरोप और अमेरिका में इसे सापोडिल्ला कहते हैं। चीकू की खेती कैसे करे इससे पहले हम जान लेते है चीकू की जानकारी में चीकू की तासीर और चीकू का पौधा कैसे होता है
चीकू का पौधा
चीकू या सपोटा (sapota) का पौधा सैपोटेसी कुल का पौधा है, जो की हमारे यहाँ सबसे आधिक महाराष्ट्र गुजरात से लेकर झारखंड ,कर्नाटक और तमिलनाडुतक में इसकी खेती बड़े स्तर पे की जाती है

chiku ki kheti kaise kare
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चिकू माहिती:-
चीकू का साइंटिफिक नाम या वानस्पतिक नाम : Manilkara zapota है चीकू का पौधा का शुरुवाती इतिहास हमे मध्य अमेरिका के मैक्सिको से मिलता है चीकू का पौधा कम लागत में आधिक उपज देने वाली ऐसे खेती है जी की समुद्र के किनारों के प्रदेशों में की जाने वाली एक कम से कम देखरेख में आसानी से की जा खेती है
Chiku (sapota) fruit benefits in hindi
चीकू शेक के फायदे : ठन्डे मीठे दूध या आइसक्रीम में चीकू को मिलाकर बनने वाले चीकू मिल्क शेक या चीकू शेक के फायदे कई तरह के है जिनमे खास तोर पर इसमें मोजूद प्राकृतिक ग्लूकोज एनर्जी,विटामिन A आँखों के लिए और विटामिन b स्किन के लिए साथ ही साथ चीकू में मोजूद कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन जैसे तत्व हड्डियों के लिए फायदेमंद है
इस तरह पुरे शरीर के लिए चीकू शेक के फायदे लाभकारी है
चीकू को सीधे खाने के अलावा चीकू की चटनी ,चीकू का हलवा और चीकू की खीर, जैम, जैली,जूस बना कर भी खाया जाता है
चीकू के नुकसान :-
किसी भी चीज की अति बहुत ही नुकसान दायक होती उसी तरह इसको ज्यादा खाने के भी कुछ नुकसान है चीकू के नुकसान या चीकू खाने के साइड इफ़ेक्ट की बात करे तो आधिक मात्रा में खाने से वजन बढ़ने और पेट में दर्द होने के साथ मुह में छाले तक हो सकते है 100 gm तक की मात्रा में चीकू का सेवन हर दिन करना फायदेमंद होता है
चीकू की तासीर:- चीकू तासीर में शीतल होता है और गुणों में चीकू में टैनिन प्रचुर मात्रा में होने से ये पित्तनाशक, और पौष्टिक होता है इसका स्वाद मीठा और रूचिकारक होता है ।


चीकू की खेती के लिए जलवायु :-
गर्म जलवायु में लगभग सभी तरह की भूमि में की जाने वाली चीकू की खेती के लिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ, बलुई दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है
पौधे लगाने का समय
जुलाई से सितम्बर
चीकू की किस्मे :-
चीकू की उन्नत किस्मे निम्न है
· काली पत्ती
· क्रिकेट बाल
· बारामासी
चीकू तीन तरह के होते है जिनमे
लम्बा गोल,
. साधारण लम्बा गोल, और
गोल





सिचाई :-  अन्य मोसम की तुलना में गर्मियों में चीकू की खेती का विशेष ध्यान रखते हुए सिचाई करते रहना चाहिये

चिक्कू लागवड  |how to grow sapota
चीकू का पोधा सबसे आधिक चीकू के बीज द्वारा ही लगाया जाता है हालांकि कुछ व्यावसायिक स्तर पर इसे ग्राफ्टिंग और ऐसी ही अन्य तरीको से लगाया जाता हैं।
जुलाई से लेकर सितम्बर तक चीकू के पौधे लगाये जा सकते है
चीकू के एक पेड़ को करीब पांच से आठ साल लगते पूरी तरह फल देने लायक बनने में

चीकू को घर पर पॉट में लगाना  | how to grow sapodilla tree from seed in hindi

चीकू की घर पर पॉट में लगाना या अपने घर की छत पर किसी कंटेनर में भी लगाया जा सकता चीकू के रूट विकास के लिए एक पर्याप्त आकार का पॉट लेना है जो की व्यास में 18-24 इंच से आधिक और ऊंचाई में 20 ईंच से आधिक हो । टेराकोटा से बने कंटेनर में पोधे को लगाने से बचना चाहिए

खाद और उर्वरक :-चीकू में समय समय पर दिए जाने वाले खाद और उर्वरक की बात करे नत्रजन सुपरफास्फेट व पोटाश के बजाय हम
अपने खेतो में केंचुएं से बनी हुयी खाद का प्रयोग करके भी चीकू की खेती में अच्छे परिणाम पाये जा सकते है
चीकू में लगने वाले रोग और उपचार :
चीकू में लगने वाला एक प्रमुख रोग है जिसमे पोधे की की पत्तिायों पर छोटे-छोटे भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं। उसके नियन्त्रण के लिये मैन्कोजेब 2 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से हर 15 दिन में छिडकाव करते रहना चाहिए जिससे चीकू की
एक रिपोर्ट के अनुसार एक हैक्टेयर में चीकू की अच्छी तरह बागवानी और खेती करके पांच महीने में 5 लाख से भी ज्यादा कमाया जा सकता हैं।
Admin:

View Comments (5)

  • बहुत अच्छी जानकारी प्राप्त हुई

  • शुक्रिया सर जी !!

  • 2month ho gyae chiku lgae lkin usme futt chalu nhi hora jsa lgya wsa hee hae