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लिलियम के फूल की खेती कैसे करें


लिलियम के फूल की खेती कैसे करें
फूलो की दुनिया में लिलियम के फूल ना केवल अपनी खूबसूरती से होटल्स, ड्राइंग रूम, और बेडरूम की शोभा बढ़ाते है बल्कि
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विदेशो में इसकी बढती मांग और बाजार में अच्छी कीमत के कारन किसानो के लिए भी इसकी खेती अपने पाली हाउस में करना आज के समय में खेती में हमे लाखो की आमदनी कराने वाली खेती के रूप में भी उभर कर सामने आ रही है चलिये तो जानते है विस्तार से जानते है लिलियम के फूल की खेती कैसे करें
लिलियम एक विदेशी पोधा है जो की बहुत आधिक सजावट के काम आता है
ये 2 तरह के होते है
ओरिएंटल लिलियम 110 से 120 cm का कद लेता है और साथ ही ये बेहतरीन खुशबू देने वाला फूल है
ओरियंटल लिलियम के फूल की प्रजातियां

सफेद फूलो में – कासा ब्लान्का, व्हाइट मांउटेन,

गुलाबी में – कैसकैड, ओलम्पिक स्टार, स्टार गेजर मोना लीसा
एशियेटिक लिलियेम इनकी उचाई 80 से 90 cm तक जाती है परन्तु ये बिना खुशबू का एक बेहतरीन रंग वाला सुन्दर फूल होता है
एशियाटिक लिलियम के फूल की प्रजातियां

अलास्का, नवोना, सेनकेयर ,

नारंगी रंग की किस्मे – इलिट, एपलडून, कम्पास

पीला रंग में किस्मे – कनेक्टीकट किंग, ड्रीमलैंड, पोलीआना, सनरेज

गुलाबी- मोन्टै रोजा, टोस्काना,

सफेद- ओनी, मोन्ट ब्लैंक पोमा
इन दोनों की ही हाइब्रिड और अन्य कई तरह की लगभग 100 से भी आधिक किस्मे है
इसकी खेती अक्टुम्बर अंत से नवम्बर के शुरुवात में इसके बल्ब(कंद) लगाकर की जाती है
जलवायु:- लिलियम के फूल की खेती के लिए हमे ऐसे ठन्डे क्षेत्रो की जलवायु की आवश्यकता होती है जहा पर दिन का तापमान 25 से.ग्रे. से कम और रात का 12 से.ग्रे से कम हो हो
तेज हवा और बदलते मोसम के मिजाज को देखते हुए इसकी खेती ग्रीन हाउस और पाली हाउस में करने की सलाह दी जाती है
भूमि :-
लिलियम के फूल की खेती ऐसी भूमि में की जाती है जिसमे मिट्टी में कार्बनिक की मात्रा उचित होने के साथ जल का निकास अच्छे से होता हो
बदलते समय के साथ परम्परागत कृषि को छोड़ कर व्यावसायिक खेती के और रुख कर रहे किसानो के लिए लिलियम की खेती करना एक बेहतर विकल्प है जो की अच्छी खासी आमदनी बढ़ाने का कार्य करता है
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