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भिन्डी की खेती कैसे करे

भिन्डी की खेती कैसे करे

भिन्डी जिसे की हम ओंकरा और लेडीज फिंगर (ladyfinger) के नाम से भी जानते है एक ऐसी खेती जो की गर्मियों में उगाई जाने वाली एक प्रमुख फसल है
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सब्जियों में भिन्डी गुणों से भरपूर एक ऐसी फसल है जिसकी खेती किसानो के लिए भी उतनी फायदेमंद खेती है जितना की इसे खाने का फायदा है आइए हम जाने भिन्डी की खेती कैसे करे उससे पहले भिन्डी खाने के फायदे
भिन्डी खाने के फायदे
भिन्डी में मोजूद विटामिन A, B, C और अन्य खनिज लवणों की प्रचूर मात्रा कई तरह के रोगों जैसे मधुमेह ,कैंसर और हड्डियों को मज़बूत बनाने और कोलेस्टेरोल को कम करने में मददगार होता है
जलवायु :-
भिन्डी की खेती के लिए जल वायु की बात की जाए इसके लिए गर्म जलवायु जीसमे की तापमान 20 से 35 डिग्री से. के मध्य में हो
भूमि :-
भिन्डी की खेती लगभग सभी तरह की भूमि में की जा सकती है परन्तु इसके लिए हल्की दोमट ऐसी मिट्टी सर्वोतम मानी जाती है जिसमे की जल का बहुत भराव ना होकर जल की अच्छी से निकासी हो
भिन्डी की उन्नत किस्मे :-
किसी भी फसल की अच्छी आवक के बहुत जरुरी है की हम ऐसी किस्मो का चयन करे की जो की उन्नत हो
ये निम्न प्रमुख भिन्डी की उन्नत किस्मे है पूसा सावित्री , परमणि क्रांति, अकरा अनामिका,वैशाली वधु,अक्रा अभय,गुजरात भिन्डी1,तमिलनाडु हाईब्रेड8,पूसा ए-4 आदि।
भूमि की तेयारी :-
भिन्डी के खेत की तेयारी में हम सबसे पहले खेत की मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरी कर लेते है जिसमे की गहराई से इस तरह जुताई की जाती है की भूमि की सारी मिट्टी पलट जाए और दूसरी बार में देशी हल से तीन चार बार जुताई कर ली जाती है
खाद और उर्वरक :-
भिन्डी में उपयोग किये जाने वाला खाद और उर्वरक की बात किया जाए तो इनमे मुख्य रूप से गोबर की सड़ी हुयी खाद- 300 से 350 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से एवंम नत्रजन (NITROGEN) करीब 60 किग्रा. में से आधी नत्रजन को बीज की रोपाई के 30 दिन के अंतर पर दो बार देना होता है और सल्फर (SULPHUR) – 30 किग्रा. पोटास (POTASH) – 50 किग्रा. प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग में लायी जाती है
हरी सब्जियों में भिन्डी एक अहम् सब्जी के रूप में पसंद की जाती है जिसकी की बाजार में अच्छी खासी मांग और बाजार भाव है जो की किसानो की पसंदीदा फसल है जीवाश्म युक्त अच्छी भूमि एवंम आवश्यकता अनुसार खेत की सिचाई और उर्वरक का अच्छी तरह प्रबन्धन कर अच्छी पैदावार पायी जा सकती है

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